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केजरीवाल ने दिल्ली विश्वविद्यालय अधिनियम में सुधार के वास्ते केंद्रीय शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र

Ranjan Kumar Gupta

ByRanjan Kumar Gupta

Oct 17, 2020

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को एक पत्र लिखा है जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन की मांग की है उनका दावा है यह संशोधन छात्रों के हित में है यह संशोधन इसलिए मांगा है ताकि दिल्ली में और अधिक कॉलेज और विश्वविद्यालय की स्थापना की जा सके।

केजरीवाल ने एक ऑनलाइन मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवता एवम् उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान करने के लिए अधिक कॉलेज खोलने की आवश्यकता है। हालात आज पहले के समान नहीं है हम इस बात को भली-भांति समझते है इसलिए ज़रूरी है कि हम आधुनिकता को ध्यान में रखते हुए छात्रों के हित में कार्य करें।

उन्होंने ये भी बताया कि 12 वीं की बोर्ड परीक्षा पास करने वाले 2.5 लाख छात्रों में से केवल 1.25 लाख छात्र की शहर के कॉलेजों में प्रवेश पाते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि 91 कॉलेज और संस्थान दिल्ली विश्वविद्यालय से सम्बन्ध है, जबकि 127 कॉलेज और संस्थान, आईपी विश्वविद्यालय से संबंध है।

केजरीवाल ने अपने पत्र में कहा की शहर को और अधिक कॉलेज और संस्थान की आवश्यकता है और दिल्ली सरकार इसमें आर्थिक सहयोग के लिए तैयार है लेकिन इसमें क़ानूनी बाधा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दिल्ली विश्वविद्यालय अधिनियम की धारा 5 (2) कहती है कि दिल्ली शहर में स्थापित होने वाले नए कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध होने चाहिए।

केजरीवाल ने दावा किया कि दिल्ली विश्वविद्यालय ने पिछले 30 वर्षों में किसी भी नए कॉलेज को संबद्धता नहीं दी है और इसकी पूरी क्षमता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से दिल्ली विश्वविद्यालय अधिनियम की धारा 5 (2) में संशोधन करने का अनुरोध किया है ताकि दिल्ली में और अधिक महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों की स्थापना हो सके।

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