बिहार में चुनाव महामारी के साथ

बिहार में चुनाव महामारी के साथ
बिहार विधानसभा चुनाव अब तक के तमाम चुनावों से अलग। 

कोरोना की चुनौतियों के बीच अक्टूबर-नवंबर में प्रस्तावित इस बार का बिहार विधानसभा चुनाव अब तक के तमाम चुनावों से अलग अंदाज में होगा। चुनाव आयोग ने कोरोना की चुनौतियों के बीच चुनाव के तौर-तरीकों पर काफी ध्यान दिया जा रहा है। इस चुनाव में चुनाव आयोग द्वारा दिशा निर्देश जारी किया है की रैलीयो या रोड शो में 100 लोगों की भीड़ की इजाजत दी गई है। इस बार का बिहार चुनाव भारत में संसदीय परंपरा का ” डिजिटल एरा” कहलाएगा। सभी दल अपने वर्चुअल संवाद और सम्मेलनों से लोगों को जोड़ने के लिए मोबाइल फोन पर लिंक भेजे जा रहे हैं। इस चुनाव में मतदाता को मास्क, दस्ताना पहन कर जाना अनिवार्य किया गया है।इस बार मतदान कर्मी पीपीई किट में नजर आएंगे। इस करोना काल में विभिन्न दलों ने चुनाव को आगे बढ़ाने की अपील भी की थी। क्या कोरोना के समय में चुनाव करना सही है ? कई देशों में चुनाव करोना काल में हुए थे जिसमें से दक्षिण कोरिया में ही चुनाव के बाद करोना मामलों में कमी आई है बाकि सभी देशों सिंगापुर, बोलारूस पोलैंड में मतदान के बाद संक्रमण के मामले बढ़े हैं। क्या सरकार इस चुनाव में मतदाताओं की स्वास्थ्य का ख्याल रखा है ? नेता लोगों को यह विश्वास दिलाते हैं कि अगर वह नेता बन जाएंगे तो वह लोगों के कल्याण अपने हाथों में लेंगे। क्या इस महामारी में वे लोगों के स्वास्थ्य की परवाह कर रहे हैं?

Comments

Sabana Praween

I am a student of a marwari college ranchi . I didn't change I just found myself