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राष्ट्रवाद

Aduiti Shreya

ByAduiti Shreya

Dec 30, 2020

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राष्ट्रवाद काफी कठिन शब्द है जब हम इसका अवलोकन भारत से करते है । इसे समझने के लिए सर्वे प्रथम हमें भारत को समझना होगा ।भारत विश्व का सबसे बड़ा लोक तंत्र है ,यदि हम इसकी तुलना पूर्वी यूरोप से लेकर जापान तक करे और विश्लेषण करे तो हमें मालूम होगा की भारत एक मात्र पूर्ण सतत लोक तंत्र है पुरे पूर्वी हेमिस्फर में | आप जितनी भी प्राचीन सभ्यताए है , जैसे चिनी सभ्यता ,मेसोपोटानिन , एका , ग्रीस इत्यादि में हिन्दू सभ्यता एकलौती जीवित सभ्यता है ।
कुछ बात है हस्ती मिटटी नहीं हमरी ,
सदियों रहा है दुश्मन दौरे जहां हमारा ।
हम एकलौती ऐसे देश का हिस्सा जिसने कभी किसी देश पर आक्रमण नहीं किया । हमरा देश एक लौता ऐसा देश है जहां लगभग विश्व के हर धर्म के लोगो की मौजूदगी है। पारसी अपने ज़मीं से विलुप्त होगी है और केवल भारत में पाए जाते है । जब इजराइल बना तब यहूदियों ने एक डाक्यूमेंट्री लिखी जिसमे उन्होंने अपने ऊपर हुए अत्याचारों की व्याख्या की है और केवल भारत एक देश था जहां के यहूदियों ने लिख की उत्पीड़न के बारे में भूल जाओ हमने कभी किसी भेदभाव का भी सामना नहीं किया । और तो और एक मान्यता के अनुसार का विश्व का सबसे प्राचीन चर्च करेला के मालाबार में है , करेला में क्रिस्चियन धर्म की स्थापना यूरोप से भी पहले हुई थी । इस्लाम में ७२ फिरके होते है और सिवाए भारत के विश्व के किसी भी देश यहाँ तक की किसिस भी इस्लामिक देशो में सरे फिरको की मौजूदगी नहीं है । यही थी वो कुछ बात हमरे भारत की ।

आज के दौर में देश का मतलब है राजनैतिक प्रादेशिक देश , यानि एक भूमि का हिस्सा , जो की किसी राजनैतिक पार्टी के द्वारा संचालित किया जाता है ।लेकिन भारत के अनुसार हम जीओ कल्चरल नेशन है , अर्ताथ यह सांस्कृतिक मूल्य का एक निश्चित समूह है जो हमें पीढ़ी दर पीढ़ी प्रेरित करता है ।भारत के अनुसार देश के सोच है यह प्रेरणा स्त्रोत है इसी कारन वर्ष हम देश को भरता माँ कहते है , ज़मीं का टुकड़ा नहीं कहते । बात करते है अखंडता की तो यदि आप देश के किसी भी कोने में खड़े होकर कहे की में राम का भक्त हु तब आप अयोधया से लेकर राम सेतु तक कनेक्ट हो जाते है । यदि आप कहे की माता रानी का भक्त हु तब आप वैष्णो देवी से कामाख्या देवी तक जुड़ जाते है । यदि आप कहे की में शिव का भक्त हु तब आप अमर नाथ से रामेश्वरम तक ,और कशी विश्वनाथ से लेकर मलिका अर्जुन तक जुड़ जाते है । आज ननकाना साहेब पाकिस्तान में चला गया लेकिन आज भी वह हमारा हिंसा है क्योकि गुरु नानक की शिक्षा भारतीय इतिहास का हिस्सा है न की पाकिस्तानी इतिहास का । हमरे नेशनल एंथम में हम आज भी पंजाब सिंध गुजरात मरता गाते है क्युकी हमरी चेतना आज भी सिंध से जुडी है पकिस्ता का हिंसा होने बावजूद । हम हज़ार साल तक गुलामी करने के बावजूद हम एक है हमारी अनेकता में एकता है हमरी एकता में अखंडता है , मेरे देश महान है और यहाँ का हर एक व्यक्ति महान है ।

हम मुस किताब के रचिता है जिसने जीवन का सर सिखाया ,
हम वो है जिसने ओरो को जीना सिख्या ,
हम वो है जिसने कभी किसी का हक़ नहीं मारा ,
इसी लिए पुरे विश्व में हमें महँ कहा जाता है ।

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