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ल भईया आ गइल बा चुनाव

Aduiti Shreya

ByAduiti Shreya

Sep 30, 2020

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पांच साल में चपल घिस गइल ,
घिस गइल हमर जान ।
न रोटी मिलक न पैसा मिलक ,
न मिलक हमरा पेंशन पुरान।
मिलक हमरा टूटल चपल ,
और इलेक्शन के पैगाम ।


यही हसर है बिहार की जनता का न जाने कितने दशको से हो रही है बेहाल,कोई जा रहा है माया नगरी बनके मजदुर सियान ,कोई जा रहा है मोदी धाम बनके कपड़ा यान, कोई जा रहा है बंगलुरु शहर कमाने नोट हज़ार, कोई जा रहा है मंदिर मस्जिद कमाने कोड़ी एक, न दशकों से विकास हुआ न हुआ भ्रष्टाचार का निकास, हुआ बस आवाम का संहार| लालू आये नितीश अये, अये तेजस्वी हज़ार अये अंगूठा छाप मुख्यमंत्री, मिला नोवी फ़ैल को मंत्रीलये शिक्षा| बुना भाई-भतीजावाद का ऐसा जाल की पूरा परिवार है मंत्री आज , कोई जेल में तोड़ रहा है रोटी, तो कोई कर रहा है सरकारी आवास पर आराम, विकास क्या है होना, हम से ना होगा तो कोई और कर लेगा | फ़िलहाल तो मिली है गद्दी इनको, कर रहे इस गद्दी का अपमान, लूट रहे जनता को मनो है इनकी खैरात, किया है बस अवाम को गुमराह, लुटे है पैसे हज़ार|कोरोना, सुशांत मानो लाडू है चुनाव के, जो चुनाव के बाद कुचल दिए जाएंगे, जैसे कुचला है विकास को आज, और इन सत्ता धरियो के बोझ से कब का कुचल गया था अवाम| बात तो बस सत्ता की है, चाहे दिन हो या हो रात, बेटा बाप की मिली भगत कहो या कहो कुमार बाबू की चाल, चल रहा है बस खाता भराई, चाहे हो मंत्री या हो प्यून हज़ार |

भईया ओ भईया नितीश भईया ,
हम तो बनली किसान ,
की हमर बेटवा बुख़्ले सोय हो राम ।


किसान चाहे सूली पर चढ़े या कर दे खुद को नीलाम इस अंधी बहरी लालची सरकार को करता नहीं कोई याद, याद इसी लिए नहीं करता क्योकि इनको तो है गद्दी से प्यार, इनको लूटना नहीं है आसान क्योकि ये वो है जो इंसान तो छोड़ो, मवेशी के हक़ को छीन लिया है | इनके कारण है बिहार बदनाम, करा जाता है बिहारियों का अपमान| एक समय था जब बिहार था भुखमरी का शिकार, जो राज्य प्रदान करता है पुरे देश को अनाज, बिलख रहा था भूक से आज और अंधी बहरी सरकार खुद इतनी भुकी थी की ओरो की भूख मिटाना था उनका नहीं था काम । इन्हे तो देना था विपक्ष को जवाब , करनी थी झुठी बयान बाजी बतआना था खुद को महान, बयान बाजी चलती रही, कभी विपक्ष सत्ता में थी तो कभी था प्रसाद परिवार, चुनाव आते रहे जाते रहे, जनता रोती रही, कोई न था उनकी व्यथा सुनने को तैयार | बस होती रही बयान बाजी, और रह गया बिहार बेहाल हो सका ना विकास ।

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