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परेशानी की वजह, युवाओं की नई पसंद: ब्लू पोंड

आजकल झारखण्ड के युवाओं में एक नई जगह काफी लोकप्रिय हो रही है। जिसे ब्लू पोंड (Blue Pond) के नाम से जाना जा रहा है। यह रांची से 30 किलोमीटर दूर टाटीसिल्वे के दाहिनी तरफ कच्चे रास्ते से गई हुई बालसिरिंग इलाका से 3 किलोमीटर दूर माइनस एरिया पर स्थित है। क्रशर मशीन से कटे इस इलाके में चट्टान तोड़े जाने के कारण पानी का जमाव हो गया है। नीला आसमान नीला पानी, एक दूसरे में मिलते हुए यह नजारा बहुत ही खूबसूरत होता है। यहां कभी कभी पानी ब्लू से ज्यादा ग्रीन दिखाई देती है। यहां घूमते घूमते सुबह से शाम कब हो जाएगी पता ही नहीं चलता है।

यहां अक्सर युवा पिकनिक मनाते, साइकिल चलाते और डाइविंग करते नजर आते हैं। यह जगह इतनी लोकप्रिय हो गई है युवाओं के बीच कि अक्सर कुछ युवाएं क्लास बंक करके अपना समय व्यतीत करते नजर आते रहेंगे। यही चिंता का सबब बना हुआ है कि बाहर के लोगों के चहल-पहल से वहां के लोगों को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है ।

वहां के लोगों का कहना है कि युवाओं को शराब पीते, धूम्रपान करते और नशा करते अक्सर देखा जाता है। बाहर के लोग आकर वहां खाकर थर्मोकोल प्लेट, प्लास्टिक बैग, बॉटल, बियर कैन इत्यादि फेंक कर चले जाते हैं। जिससे वहां की पर्यावरण पर बुरा असर पड़ता है और उसकी सुन्दरता खराब होती चली जाती है। युवा तालाब में डाइविंग करते है जिसमें जान जाने का खतरा बना रहता है। हाल ही में इंटरमीडिएट के विद्यार्थी के मौत की खबर सामने आई है। पैर फिसल जाने की वजह से वह पानी में गिर गया और तैरना नहीं आने के कारण उसकी मृत्यु हो गई। क्योंकि कहते है ना -” सावधानी हटी दुर्घटना घटी !! “

मेरा मानना है कि किसी जगह भी घूमे लेकिन उस जगह को घूमने लायक बना रहना देना हमारी जिम्मेदारी है। पर्यावरण को साफ सुथरा रखना, गंदगी ना फैलाना हमारा फर्ज है। ऐसी जगहों पर थोड़े खतरे की संभावना अधिक रहती है तो क्यों ना अपनी रक्षा स्वयं करें?

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