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Meme संस्कृति – हम कहाँ जा रहे हैं ?

वर्तमान में हम समय के उस दौर में जी रहे हैं, जहाँ इतनी बड़ी दुनिया सिमटकर एक छोटे से वैश्विक गाँव में तब्दील  हो गयी है | आज अगर हमें…

क्या भारत नैतिक संकट या आर्थिक संकट का सामना कर रहा है

सर्वप्रथम नैतिक संकट की बात करें तो देश के सामने तमाम वह नैतिक चुनौतियों व्याप्त है। समाज में विभिन्न स्तर पर विभेदीकरण, छुआछूत, जातिवाद, स्त्री उत्पीड़न, धार्मिक रूढ़िवादिता, नीतिगत निर्णयन…

विश्व चॉकलेट दिवस के अवसर पर जाने दुनिया भर के बेहतरीन चॉकलेट म्यूजियम

रिश्तो में प्यार और मिठास घोलने के लिए चॉकलेट एक बेहतरीन ऑप्शन है। हर साल 7 जुलाई को विश्व चॉकलेट दिवस मनाया जाता है। ज्यादातर देश के युवाओ को इस दिन पर बहुत दिलचस्पी…

अनिश्चितता प्रगति की प्रतिद्वंद्वी है

प्रगति अमूल्य है। वस्तुत: आज का मानव प्रगति की ही उपज है । आज से हजारों वर्ष पहले मानव का रूप, रंग आकार बिल्कुल भिन्न था । यह जीने की…

सादगी परम विशेषज्ञता है

कहा जाता है कि हम वर्तमान में एक भौतिकवादी समाज में रहते हैं। व्यक्तियों को उनके धन के आधार पर आंका जाता है, एक अमीर को बौद्धिक माना जाता है…

सूक्ष्मता आपको धोखा दे सकती है; ईमानदारी कभी नहीं।

सूक्ष्मता से तात्पर्य सूक्ष्मता का अर्थ है छोटा या महीन रूप। समाज मे ऐसी छोटी छोटी व्यावहारिक बातों एवं कार्यो से है जो व्यक्ति को निम्न स्तर तक पहुँचा देती…

अत्यधिक लोकतंत्र विकास के लिए हानिकारक है

सितंबर 2020 में संसद भवन में केंद्र सरकार द्वारा भारतीय किसानों की आय वृद्धि के हित में तीन कानून पारित किये गए थे, जिसके समर्थन और विरोध की लड़ाई अभी…

कृषि और किसान दोनों ही संकीर्ण राजनीतिक दृष्टि के शिकार हैं

प्रस्तावना भारत एक कृषि प्रधान देश है ऐसी बातें हम ना जाने कितने समय से सुनते आ रहे है। पर क्या भारत का किसान समृद्ध और खुश हैं ?? इस…

कानून का निर्माण बुद्धि द्वारा नहीं बल्कि सत्ता द्वारा होता है।

एक कहावत है कि बहुसंख्यक मूर्ख लोगों की शक्ति को कम करके नहीं आंका जा सकता, हालांकि यहां बात मूर्खता की नहीं है, यह मूल रूप से बहुमत के बारे…

“क्या प्रतिस्पर्धा का बढ़ता स्तर युवाओं के हित में है?”

“देखो, शर्मा जी का बेटा तुमसे हर क्षेत्र में आगे है, सीखो उससे कुछ”, ये वाक्य आज के समय में हमारे समाज का मुख्य प्रेरणा स्रोत माना जाता है या…