ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म में सेंसरशिप की आवश्यकता!

ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म में सेंसरशिप की आवश्यकता!

आज मनोरंजन के प्रमुख साधनों में ओटीटी यानी ‘ओवर-द-टॉप’ प्लेटफ़ॉर्म की भूमिका बढ़ गई है। क्या है ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म? ओटीटी एक ऐसा माध्यम है जो इंटरनेट के माध्यम से वीडियो ऑडियो या अन्य डिजिटल मीडिया से संबंधित सामग्री प्रदान करता है। यह एक किस्म का ऐप होता है जिसमे टीवी कंटेंट व फ़िल्म दिखाई जाती है। ये प्लेटफ़ॉर्म आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहायता से उन सभी सामग्री का डेटा संग्रहित करते हैं जो उपयोगकर्ताओं द्वारा अधिक देखी व पसंद की जा रही है। यह सब उपयोगकर्ता की ब्रॉउसिंग हिस्ट्री के आधार पर देखा जाता है।

लम्बे समय से यह अपनी विषय सामग्री के संदर्भ में विवादों में रहा। जिसका मुख्य कारण किसी भी सीरीज या मूवी की सामग्री की बताया जाता है। या तो सामग्री में धार्मिक मुद्दों पर कटाक्ष किया जा रहा है या राजनीतिक मुद्दे पर। ‘अ सूटेबल बॉय’, ‘आश्रम’, ‘अभय-2’, ‘लैला’ यह सभी किसी न किसी मुद्दे को लेकर चर्चा में बनी रही थी। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रेगुलेशन का कारण अश्लीलता, सेक्स और हिंसा का परोसा जाना था पर लेकिन अब तक जिन भी सीरीज या फिल्मों पर विवाद हुआ वह धार्मिक या राजनीतिक मुद्दें रहे। इन्ही विवादों के नतीजतन सरकार ने 25 फरवरी 2021 को डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और सोशल मीडिया के लिए नए नियम जारी कर दिए। सरकार द्वारा सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म के लिए कुछ अलग अलग नियम जारी किए गए। “इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी रूल्स, 2021 (गाइडलाइंस फार इंटरमीडियरीज एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) के अनुसार सेल्फ रेगुलेटिंग बॉडी एक इंडिपेंडेट बॉडी होगी, जो ऐसे ही पब्लिशर्स या उनके एसोसिएशन द्वारा बनाई जाएगी। यह संस्था भारत के अलग अलग नस्ल और अलग अलग धर्म के लोगों को ध्यान में रखेगी और किसी भी नस्लीय या धार्मिक समूह की गतिविधियों, विश्वासों, प्रथाओं या विचारों की विशेषता बताते हुए सावधानी और विवेक के साथ काम करेगी। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ऐसी सेल्फ रेगुलेशन बॉडी के साथ मिलकर काम करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि कोड आफ एथिक्स का सही से पालन हो।”
सोशल मीडिया(फ़ेसबुक, ट्वीटर) पर गैर क़ानूनी या आपत्तिजनक सामग्री पर नियंत्रण करने के लिए नए आई टी रूल-

  1. सरकार के आदेश के बाद जितनी जल्दी हो अपने प्लेटफ़ॉर्म से कंटेंट हटाना होगा।
  2. कंटेंट हटाने की समय सीमा 36 घंटे है। जो पहले 72 घंटे की थी।
    ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म पर कंटेंट की लॉकर 24 फरवरी 2021 की सूचना जारी की-
  3. ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म और डिजिटल न्यूज़ मीडिया को अपनी डिटेल्स का खुलासा करना होगा।
  4. ओटीटी कंटेंट को 13+, 16+ और A कैटेगिरी में वर्गीकरण करना होगा।
  5. पैरेंटल लॉक की व्यवस्था रखनी होगी और सुनिश्चित करना होगा कि बच्चे उसे न देखें।

डिजिटल सामग्री पर नियंत्रण की बहस काफ़ी समय से होती आ रही है, क्योंकि इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी से भी जोड़ कर देखा जा रहा है और इससे फैल रही हिंसा से भी। लेकिन इस बात से इंकार भी नहीं किया जा सकता कि ऑनलाइन कंटेंट प्रोवाइडर अपने कंटेंट के माध्यम से हिंसा और अश्लीलता को बढ़ावा दे रहे हैं। जहाँ बात हिंसा और अश्लीलता की बढ़ावे की बात है तो रेगुलेशन या सेंसरशिप सहीलेकिन अगर यह केवल राजनीतिक हिट या अभिव्यक्ति को दबाने के लिए किया जा रहा है तो यह गलत है, जिसका विरोध करना सही है।

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